
नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026 भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें वर्ष 2026 में महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही हैं। ये योजनाएं आर्थिक सशक्तिकरण, आय सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, आवास और कृषि विकास पर केंद्रित हैं। केंद्र सरकार ने पीएम-किसान जैसी प्रमुख योजनाओं को 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि राज्य स्तर पर महिला किसानों को आधिकारिक पहचान देने जैसे नए कदम उठाए जा रहे हैं।
यह रिपोर्ट 2026 में उपलब्ध प्रमुख केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करती है, जो महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों को सीधे लाभ पहुंचा रही हैं।
किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)
यह योजना किसानों के लिए सबसे बड़ी आय सहायता योजना है। पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में (प्रत्येक 2,000 रुपये) सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने इसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का अनुमोदन किया है, जिसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जून 2026 में जारी 23वीं किस्त में लगभग 9.44 करोड़ किसानों को 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली, जिसमें 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल थीं। उत्तर प्रदेश में अकेले 2.2 करोड़ से अधिक किसानों को 4,352 करोड़ रुपये मिले। योजना की शुरुआत से अब तक महिलाओं को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिल चुका है। लाभ लेने के लिए आधार लिंक्ड बैंक खाता, भूमि रिकॉर्ड और ई-केवाईसी अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)
यह फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाती है। खरीफ फसलों पर 2 प्रतिशत, रबी पर 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों पर 5 प्रतिशत प्रीमियम किसान देते हैं, बाकी सरकार वहन करती है। महिला किसान, बटाईदार और किराएदार किसान भी पात्र हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)
किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने वाली यह योजना अल्पकालिक और निवेश ऋण प्रदान करती है। प्रभावी ब्याज दर 4 प्रतिशत तक हो सकती है। बजट 2026-27 में सीमांत किसानों के लिए ऋण सीमा बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
18 से 40 वर्ष की आयु के छोटे और सीमांत किसानों (महिला और पुरुष दोनों) के लिए पेंशन योजना। 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक 3,000 रुपये पेंशन मिलती है। योगदान 55 से 200 रुपये प्रति माह तक है।
महिला किसानों के लिए विशेष प्रयास
महाराष्ट्र सरकार ने 2026 में महिला शेतकरी सक्षमीकरण अधिनियम लागू किया है। इसके तहत महिला किसानों को आधिकारिक प्रमाणपत्र और अलग पहचान दी जा रही है। महिला शेतकरी पोर्टल (mahakrishi.mahaitgov.in) पर ऑनलाइन आवेदन करके कृषि ऋण, फसल बीमा, सब्सिडी और आधुनिक उपकरण का लाभ लिया जा सकता है। 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं पात्र हैं, भले ही उनके नाम पर जमीन न हो। सितंबर-अक्टूबर 2026 में सेवा संकल्प अभियान के तहत विशेष जागरूकता चलाई जा रही है।
नमो ड्रोन दीदी और अन्य
महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत महिलाओं को मशीनरी पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) के तहत करोड़ों महिला किसानों को कृषि-पारिस्थितिकी प्रथाओं का प्रशिक्षण दिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं
पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप और फीडर सोलराइजेशन का विस्तार प्रस्तावित है। पीएम धनधान्य कृषि योजना 100 कम उत्पादकता वाले जिलों पर केंद्रित है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जैसी व्यवस्थाएं भी जारी हैं।
महिलाओं के लिए प्रमुख योजनाएं
लखपति दीदी पहल
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत यह पहल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सालाना 1 लाख रुपये या उससे अधिक आय अर्जित करने में मदद करती है। लक्ष्य को आगे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाया जा रहा है। बजट 2026-27 में लखपति दीदी 2.0 के तहत ब्याज-मुक्त ऋण (5 लाख रुपये तक) का प्रावधान किया गया है। जून 2026 तक 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी थीं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जाते हैं। योजना के तहत करोड़ों कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
गर्भवती महिलाओं को पहले जीवित बच्चे के लिए 5,000 रुपये और दूसरी बच्ची के लिए 6,000 रुपये की नकद सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना
पक्के मकान महिलाओं के नाम पर आवंटित किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमएवाई-ग्रामीण के तहत करोड़ों घर बनाए गए हैं, जिनमें महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। शहरी क्षेत्रों में भी 96 प्रतिशत घर महिलाओं को आवंटित होने के आंकड़े सामने आए हैं।
मिशन शक्ति और अन्य
महिला सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति (संबल और सामर्थ्य घटक) चलाया जा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना बेटी की शिक्षा और विवाह के लिए बचत खाता खोलने की सुविधा देती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान जारी है। मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को कोलैटरल-फ्री ऋण मिलते हैं।
राज्य स्तर पर महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना (मासिक 1,500 रुपये), राजस्थान की मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (50 लाख रुपये तक ऋण) जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं।
गरीब परिवारों के लिए प्रमुख योजनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी)
गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने वाली यह योजना महिलाओं को प्राथमिकता देती है। मार्च 2026 तक करोड़ों घरों का आवंटन और निर्माण पूरा हो चुका है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए)
लगभग 81 करोड़ लोगों को सस्ते दर पर खाद्यान्न (चावल 3 रुपये/किलो, गेहूं 2 रुपये/किलो) उपलब्ध कराया जाता है। योजना को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिली है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)
ग्रामीण क्षेत्रों में 100 (या कुछ जगहों पर अधिक) दिनों का रोजगार सुनिश्चित करता है। 2026 में इसमें बदलाव और विस्तार के प्रयास जारी हैं।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करता है। कृषि और गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों में सहायता दी जाती है।
अन्य योजनाएं
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन, विधवा और विकलांगता सहायता। सोलर सब्सिडी योजनाएं बीपीएल परिवारों को सौर ऊर्जा तक पहुंच प्रदान करती हैं। कुछ राज्यों में विशेष सोलर योजनाएं चल रही हैं।
योजनाओं का प्रभाव और चुनौतियां
2026 में ये योजनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधार लिंकेज और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ा रही हैं। पीएम-किसान में महिलाओं की भागीदारी लगभग 25 प्रतिशत है। स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में महिला किसानों को कानूनी पहचान मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
हालांकि चुनौतियां भी हैं। भूमि रिकॉर्ड अपडेट, ई-केवाईसी पूरा करना, जागरूकता की कमी और कुछ क्षेत्रों में लाभ पहुंचने में देरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। सरकार इन मुद्दों को दूर करने के लिए अभियान चला रही है।
कैसे लें लाभ?
अधिकांश योजनाओं के लिए आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होता है। पीएम-किसान के लिए pmkisan.gov.in, आवास योजना के लिए संबंधित राज्य पोर्टल, उज्ज्वला के लिए एलपीजी वितरक या ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें। स्थानीय कृषि विभाग, आंगनवाड़ी केंद्र या पंचायत कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है। आधार, बैंक खाता और आय/भूमि प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखें।
सरकार का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाने में महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों को सक्रिय भागीदार बनाना है। ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता देती हैं बल्कि सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी जांचें और समय पर आवेदन करें।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी वेबसाइटों, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों और समाचार माध्यमों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। योजनाओं के प्रावधान, पात्रता शर्तें, लाभ राशि, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरण समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित या अपडेट किए जा सकते हैं।
पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित मंत्रालय/विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, पोर्टल या स्थानीय प्रशासन से नवीनतम और सटीक जानकारी अवश्य जांच लें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इसमें किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए लेखक/प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

