
नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026। देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। हर किस्त 2,000 रुपये की होती है और यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
हाल ही में 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से रिलीज किया था। इस किस्त में 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में कुल लगभग 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। अब किसान भाई 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। सवाल यह है कि अगली किस्त कब आएगी, स्टेटस कैसे चेक करें और पात्रता की शर्तें क्या हैं।
योजना का संक्षिप्त परिचय और महत्व
PM-Kisan योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू हुई थी। यह केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत वित्तपोषित योजना है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा कर सकें। परिवार की परिभाषा योजना में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में की गई है। एक परिवार को एक साल में कुल 6,000 रुपये ही मिलते हैं, भले ही परिवार के कई सदस्य अलग-अलग जमीन के मालिक हों।
सरकार ने जुलाई 2026 में योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। बजट 2026-27 में इसके लिए 60,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक इस योजना के तहत कई लाख करोड़ रुपये किसानों तक पहुंच चुके हैं। किस्तें आमतौर पर चार महीने के चक्र में जारी होती हैं—अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च।
24वीं किस्त कब आने की उम्मीद?
23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी होने के बाद अगली यानी 24वीं किस्त अगस्त-नवंबर 2026 के चक्र में आनी है। कई रिपोर्टों और सूत्रों के अनुसार अक्टूबर 2026 या अक्टूबर-नवंबर के बीच किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। कुछ जगहों पर 5 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच की बात कही जा रही है। इस बार दीपावली 8 नवंबर 2026 को है, इसलिए त्योहार से पहले किस्त आने की भी अटकलें हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। किसानों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों से बचना चाहिए और आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in तथा कृषि मंत्रालय के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। पिछले वर्षों के रुझान को देखें तो किस्तें अक्सर अक्टूबर या नवंबर में जारी हुई हैं।
स्टेटस चेक करने का तरीका
किस्त आने से पहले या बाद में स्टेटस चेक करना बहुत जरूरी है। इससे पता चलता है कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, eKYC पूरा है या नहीं, और पिछले भुगतान का क्या हाल है।
आधिकारिक वेबसाइट पर स्टेटस चेक करने के स्टेप्स:
- ब्राउजर में pmkisan.gov.in खोलें।
- होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन में जाएं।
- “Know Your Status” या “Beneficiary Status” पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
- कैप्चा कोड भरें और OTP प्राप्त करें (मोबाइल पर आएगा)।
- OTP डालकर स्टेटस देखें।
यहां आपको पंजीकरण स्थिति, किस्त-वार भुगतान इतिहास, eKYC स्थिति, लैंड सीडिंग की स्थिति और कोई अस्वीकृति का कारण (अगर हो) दिखेगा। अगर “Payment Success” और “FTO Processed: Yes” दिखे तो किस्त खाते में पहुंच चुकी है।
मोबाइल ऐप से चेक करें:
Google Play Store से “PMKISAN GoI” ऐप डाउनलोड करें। लॉगिन करके Beneficiary Status चेक कर सकते हैं।
गाँव-वार लाभार्थी सूची:
वेबसाइट पर Beneficiary List विकल्प चुनें। राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गाँव सेलेक्ट करके पूरी सूची देख सकते हैं।
अगर नाम सूची में नहीं दिखे या किस्त अटकी हो तो नजदीकी कृषि कार्यालय, ब्लॉक कृषि अधिकारी या CSC केंद्र से संपर्क करें। शिकायत के लिए वेबसाइट पर Helpdesk-Query Form भी उपलब्ध है।
पात्रता की शर्तें
पात्रता बहुत साफ है। योजना का लाभ उन भूमिधारक किसान परिवारों को मिलता है जिनके पास खेती योग्य जमीन हो और जमीन का रिकॉर्ड राज्य के राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम पर हो।
मुख्य पात्रता शर्तें:
- भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- खेती योग्य कृषि भूमि का मालिक होना चाहिए (जमीन का साइज कोई मायने नहीं रखता)।
- परिवार की परिभाषा: पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। एक परिवार को एक ही लाभ मिलेगा।
- आधार कार्ड अनिवार्य है।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए (NPCI मैपिंग)।
- eKYC पूरा होना अनिवार्य है।
कौन पात्र नहीं है (एक्सक्लूजन कैटेगरी):
- संस्थागत भूमिधारक (ट्रस्ट, कंपनियां, सरकारी फार्म आदि)।
- संवैधानिक पदों के वर्तमान या पूर्व धारक।
- वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष।
- केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारी/कर्मचारी (सेवारत या सेवानिवृत्त), PSU और स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी। (मल्टी टास्किंग स्टाफ/क्लास IV/ग्रुप D कर्मचारी छूट में हैं)।
- सेवानिवृत्त पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपये या उससे अधिक हो (ग्रुप D छूट)।
- पिछले आकलन वर्ष में आयकर चुकाने वाले व्यक्ति।
- पंजीकृत पेशेवर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट जो प्रैक्टिस कर रहे हों।
- कुछ मामलों में 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले किसान (सत्यापन लंबित)।
- एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को लाभ मिलने के मामले (पति-पत्नी दोनों या वयस्क-नाबालिग)।
सरकार ने ऐसे संदिग्ध मामलों की पहचान की है और भौतिक सत्यापन पूरा होने तक लाभ अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। किसानों को Know Your Status पर अपनी पात्रता जरूर चेक करनी चाहिए।
eKYC अनिवार्य: कैसे पूरा करें
eKYC बिना अगली किस्त रुक सकती है। यह अनिवार्य है।
तीन तरीके:
- OTP आधारित ऑनलाइन: pmkisan.gov.in पर eKYC विकल्प चुनें। आधार नंबर डालें। आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा। OTP डालकर पूरा करें।
- CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या राज्य सेवा केंद्र जाएं। आधार कार्ड लेकर बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं।
- फेस ऑथेंटिकेशन: PM-KISAN ऐप और Aadhaar Face RD ऐप डाउनलोड करें। ऐप से लॉगिन करके eKYC करें।
eKYC के बाद स्थिति “Yes” हो जानी चाहिए।
अन्य जरूरी बातें और सावधानियां
- लैंड सीडिंग: जमीन का रिकॉर्ड सही होना चाहिए। गलत विवरण से किस्त अटक सकती है।
- बैंक खाता: आधार से लिंक और सक्रिय होना चाहिए। खाता बंद या गलत डिटेल होने पर पैसा वापस आ जाता है।
- मोबाइल नंबर अपडेट: जरूरत पड़ने पर वेबसाइट से अपडेट कर सकते हैं।
- नई रजिस्ट्रेशन: पात्र किसान New Farmer Registration से आवेदन कर सकते हैं। CSC से भी मदद मिलती है।
- शिकायत निवारण: किस्त न आने पर स्थानीय अधिकारी या हेल्पडेस्क से संपर्क करें। कुछ मामलों में RTI भी दाखिल की जा सकती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि किस्त जारी होने से पहले ही अपना स्टेटस, eKYC, लैंड रिकॉर्ड और बैंक डिटेल चेक कर लें। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलने से बचें। आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
योजना का व्यापक प्रभाव
PM-Kisan ने किसानों की आय में स्थिरता लाने में मदद की है। कई किसानों ने बताया कि यह राशि बीज, खाद, दवा या घरेलू जरूरतों में काम आती है। महिला किसानों की संख्या भी अच्छी है। सरकार KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) से जोड़ने पर भी जोर दे रही है ताकि लाभार्थियों को और सुविधा मिले।
अंत में, 24वीं किस्त की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। किसानों से अपील है कि वे अपनी पात्रता और दस्तावेज दुरुस्त रखें ताकि बिना किसी रुकावट के 2,000 रुपये उनके खाते में पहुंच सकें। योजना की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का नियमित इस्तेमाल करें।
(नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर तैयार की गई है। सटीक अपडेट के लिए pmkisan.gov.in देखें।)
