
नई दिल्ली। वर्ष 2026 भारत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और मजबूती का वर्ष साबित हो रहा है। केंद्र सरकार ने किसानों, महिलाओं और गरीब परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रमुख योजनाओं को जारी रखने, विस्तार देने और नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) का 2030-31 तक विस्तार, महिला किसानों की पहचान और सशक्तिकरण के लिए नए कानून व पोर्टल, लखपति दीदी पहल का विस्तार, उज्ज्वला योजना तथा गरीब परिवारों के लिए आजीविका मिशन शामिल हैं। ये योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाने, ऋण सुविधा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।
यह रिपोर्ट 2026 में सक्रिय प्रमुख योजनाओं, उनकी पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रियाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। जानकारी आधिकारिक घोषणाओं, कैबिनेट निर्णयों और संबंधित विभागों के आंकड़ों पर आधारित है।
किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)
यह योजना भूमिधारक किसान परिवारों को वार्षिक 6,000 रुपये की आय सहायता तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में सीधे बैंक खाते में प्रदान करती है। जुलाई 2026 में केंद्रीय कैबिनेट ने इसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी, जिसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। अब तक 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। जून 2026 में 23वीं किस्त में लगभग 9.44 करोड़ किसानों को 18,880 करोड़ रुपये मिले, जिनमें 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल थीं। महिलाओं को कुल मिलाकर 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है।
पात्रता:
- परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल।
- कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार)। भूमि की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं।
- आधार से जुड़ा बैंक खाता और ई-केवाईसी अनिवार्य।
- अपवर्जन: संस्थागत भूमिधारक, संवैधानिक पद धारक, सांसद/विधायक, डॉक्टर/इंजीनियर जैसे पेशेवर, आयकर दाता आदि। 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि खरीदी गई हो या परिवार में एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे हों तो लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया:
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या मोबाइल ऐप पर जाएं। ‘फार्मर्स कॉर्नर’ में नया पंजीकरण या ‘नो योर स्टेटस’ से स्थिति जांचें। भूमि रिकॉर्ड, आधार और बैंक विवरण अपलोड करें। राज्य सरकारें पात्रता की पहचान करती हैं। ई-केवाईसी बायोमेट्रिक या ओटीपी से सीएससी केंद्रों पर भी कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (पीएम-केएमवाई)
छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन योजना। 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन। पात्रता आयु 18-40 वर्ष। योगदान आयु के अनुसार 55 से 200 रुपये मासिक, जिसमें सरकार बराबर योगदान देती है। आवेदन maandhan.in या सीएससी केंद्रों से।
पीएम-कुसुम योजना
कृषि में सौर ऊर्जा को बढ़ावा। सोलर पंप, फीडर सोलराइजेशन और बैटरी स्टोरेज के लिए सहायता। 2026 में विस्तार प्रस्ताव के तहत अतिरिक्त आवंटन की योजना। सामान्य राज्यों में 30 प्रतिशत और विशेष क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक केंद्रीय सहायता। आवेदन राज्य कृषि विभाग या संबंधित पोर्टल के माध्यम से।
अन्य योजनाओं में सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप-स्प्रिंकलर) पर 45-55 प्रतिशत सब्सिडी, कृषि यंत्रीकरण पर 40-80 प्रतिशत अनुदान, पॉलीहाउस पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 1 करोड़ रुपये) और कृषि अवसंरचना कोष शामिल हैं। ये योजनाएं छोटे-सीमांत किसानों और महिलाओं को प्राथमिकता देती हैं।
महिलाओं के लिए प्रमुख योजनाएं

2026 को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है। भारत में भी महिला किसानों की स्वतंत्र पहचान और सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है।
महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम)
महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सशक्तिकरण। जून 2025 तक 4.62 करोड़ महिला किसानों ने कृषि-पारिस्थितिकी प्रथाएं अपनाईं। 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को 90 लाख से अधिक एसएचजी में संगठित किया गया। बजट 2026-27 में 19,200 करोड़ रुपये का आवंटन। लखपति दीदी पहल के तहत लक्ष्य दोगुना कर 6 करोड़ किया गया। लखपति दीदी 2.0 में एसएचजी महिलाओं को 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण।
नामो ड्रोन दीदी योजना
महिला एसएचजी को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं के लिए प्रशिक्षण और सहायता। 15,000 ड्रोन का लक्ष्य, 80 प्रतिशत केंद्रीय सहायता।
महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण अधिनियम, 2026
महाराष्ट्र पहला राज्य है जिसने भूमि स्वामित्व के बिना भी महिलाओं को स्वतंत्र किसान के रूप में मान्यता दी। 18 वर्ष से अधिक आयु की कृषि या संबद्ध गतिविधियों (फसल, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि) में लगी महिलाएं ‘महिला किसान प्रमाणपत्र’ प्राप्त कर सकती हैं। इससे ऋण, फसल बीमा, सब्सिडी और योजनाओं का लाभ मिलता है। पोर्टल mahakrishi.mahaitgov.in/mahila-shetkari-service पर ऑनलाइन आवेदन। ग्राम सभा अनुमोदन।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले बच्चे पर 5,000 रुपये (दो किस्तों में) और दूसरे लड़की बच्चे पर अतिरिक्त 6,000 रुपये। पात्रता: 18 वर्ष 7 माह से 55 वर्ष आयु, परिवार की शुद्ध वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम, एससी/एसटी, दिव्यांग, बीपीएल, आयुष्मान भारत, ई-श्रम, पीएम-किसान लाभार्थी आदि। आवेदन आंगनवाड़ी/आशा कार्यकर्ता या पीएमएमवीवाई पोर्टल से।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई)
गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन। सितंबर 2026 तक 10.57 करोड़ से अधिक कनेक्शन। पात्रता: 18 वर्ष से अधिक महिला, घर में कोई एलपीजी कनेक्शन न हो, गरीब परिवार। आवेदन pmuy.gov.in या वितरक के माध्यम से। 2026-27 से सब्सिडी वाले रिफिल सीमित।
अन्य योजनाओं में स्टैंड-अप इंडिया (महिला उद्यमियों को 10 लाख से 1 करोड़ रुपये ऋण), मुद्रा योजना (शिषु/किशोर/तरुण श्रेणी में 50,000 से 20 लाख रुपये तक), शे-मार्ट (एसएचजी उद्यमों के लिए रिटेल आउटलेट) और कृषि अवसंरचना कोष में महिलाओं को उच्च सब्सिडी शामिल हैं।
गरीब परिवारों के लिए योजनाएं
डीएवाई-एनआरएलएम गरीब ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं पर केंद्रित है। एसएचजी के माध्यम से बचत, ऋण (11 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित), कौशल प्रशिक्षण और आजीविका। समावेशी आजीविका योजना अल्ट्रा-गरीब परिवारों के लिए। पीएम-एसवाईएम (श्रम योगी मानधन) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (महिलाओं की भागीदारी 53 प्रतिशत से अधिक) को पेंशन। पात्रता: 18-40 वर्ष, मासिक आय 15,000 रुपये या कम।
दिल्ली लक्ष्मी योजना जैसी राज्य स्तरीय योजनाओं में परिवार की सबसे बड़ी महिला (21-60 वर्ष) को मासिक 2,500 रुपये, परिवार आय 2.5 लाख रुपये तक।
आवेदन प्रक्रिया के सामान्य दिशानिर्देश
अधिकांश योजनाएं डिजिटल हैं। आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर अनिवार्य। सीएससी केंद्र, ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी या आधिकारिक पोर्टल से आवेदन। ई-केवाईसी और भूमि/आय प्रमाण पत्र जरूरी। धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट्स का उपयोग करें। स्थिति जांचने के लिए ‘नो योर स्टेटस’ सुविधा उपलब्ध।
प्रभाव और आगे की राह
पीएम-किसान से कृषि निवेश बढ़ा और अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता घटी। महिला एसएचजी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। 2026 में महिला किसानों की कानूनी मान्यता और ड्रोन/सौर प्रौद्योगिकी तक पहुंच से उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास है, जिसमें गरीब परिवारों को आजीविका और महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिले।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, सरकारी घोषणाओं और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। योजनाओं के नियम, पात्रता शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और लाभ समय-समय पर बदल सकते हैं।
लाभार्थियों को सलाह है कि वे स्थानीय कृषि/महिला एवं बाल विकास विभाग या हेल्पलाइन से संपर्क कर नवीनतम जानकारी लें। ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता बल्कि गरिमा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही हैं।
इस रिपोर्ट में दी गई कोई भी जानकारी आधिकारिक परामर्श, कानूनी सलाह या वित्तीय मार्गदर्शन का विकल्प नहीं है। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, अधिसूचना या अधिकृत केंद्र से पुष्टि अवश्य करें। लेखक/प्रकाशक किसी भी प्रकार की त्रुटि, चूक या परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

