
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। चक्रवात “अर्नब” के अवशेषों और दक्षिण अंडमान सागर पर बने नए निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।
आईएमडी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया गया है।
वर्तमान मौसम की स्थिति और मुख्य कारक
पिछले कुछ दिनों से चक्रवात अर्नब के अवशेष छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। इसके प्रभाव से कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। अब एक नया निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक यह सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी उत्तर भारत के कुछ हिस्सों पर बना हुआ है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों और आसपास के मैदानी इलाकों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
राज्यवार मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियां
पूर्वोत्तर भारत
अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी छिटपुट से लेकर मध्यम वर्षा हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी वर्षा जारी रहने के आसार हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत
बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों में वर्षा का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में गरज-चमक के साथ बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में कुछ जगहों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत
तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। केरल में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भी गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मध्य और पश्चिमी भारत
छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट वर्षा हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने के आसार हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उत्तर भारत
दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। बारिश की कोई खास उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा या गरज-चमक हो सकती है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
समुद्री मौसम चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जो कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक झोंके आने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तटों पर भी भारी वर्षा और तेज हवाओं का अनुमान है। मछुआरों से अपील की गई है कि वे समुद्र में न जाएं और स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान दें।
तापमान की स्थिति
उत्तर भारत में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। पटना, रांची और कोलकाता में अधिकतम तापमान 26 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है। मुंबई में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और चेन्नई में 31 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे जाने की संभावना है।
कृषि और आम जनजीवन पर प्रभाव
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव हो सकता है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की सलाह के अनुसार फसल प्रबंधन करें। निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात व्यवधान की आशंका है। स्कूल-कॉलेजों और कार्यालयों में देरी हो सकती है।
बिजली कड़कने के कारण खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की घटनाएं हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान
31 अक्टूबर के बाद भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा जारी रह सकती है। नया निम्न दबाव क्षेत्र अगर डिप्रेशन में बदलता है तो 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा का खतरा बढ़ सकता है। उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के आसार हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
सावधानियां और सलाह
- भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदियों और जल निकायों के किनारे न जाएं।
- बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
- किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अलर्ट पर ध्यान दें।
आईएमडी लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और अपडेट जारी कर रहा है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और अफवाहों पर ध्यान न दें। मौसम विभाग की वेबसाइट mausam.imd.gov.in और मोबाइल ऐप के माध्यम से नवीनतम जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
विस्तृत क्षेत्रीय विश्लेषण
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के बाद की वर्षा सामान्य से अधिक हो रही है। अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा से भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक है। स्थानीय प्रशासन ने कई जगहों पर स्कूल बंद करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारियां की हैं।
बिहार और झारखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंगा, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग सतर्क है।
दक्षिण भारत में केरल और तटीय कर्नाटक में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ों के गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में मछली पकड़ने वाले समुदायों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। शिमला, मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों पर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
कृषि सलाह
कृषि मौसम सलाहकार सेवा के अनुसार, भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में धान की कटाई प्रभावित हो सकती है। किसान भाई खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। सब्जियों की फसलों को पानी से बचाने के उपाय करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
यातायात और परिवहन
हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। रेलवे ने कुछ रूट्स पर सतर्कता बरती है। सड़क परिवहन में भी देरी हो सकती है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी प्राप्त करें।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह
बारिश के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साफ पानी पीने और मच्छरों से बचाव के उपाय करें। ठंड बढ़ने से श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
निष्कर्ष
31 अक्टूबर 2026 को देश के कई राज्यों में मौसम खराब रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में भारी वर्षा की चेतावनी सबसे महत्वपूर्ण है। साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट भी कई राज्यों में जारी है। नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें। आने वाले दिनों में नए सिस्टम के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में और अधिक सतर्कता की जरूरत होगी।
(नोट: यह रिपोर्ट आईएमडी के उपलब्ध पूर्वानुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से संपर्क करें।)

