
नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: भारत में सोने और चांदी की कीमतें धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले मजबूती दिखा रही हैं। 5 नवंबर को बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने, बॉन्ड यील्ड में गिरावट, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने सोने-चांदी को सहारा दिया। घरेलू स्तर पर त्योहारी मांग भी कीमतों को ऊंचा रखने में मददगार साबित हो रही है।
वर्तमान में (5 नवंबर के आंकड़ों के आधार पर, जो आज की सुबह तक प्रमुख स्रोत हैं) 24 कैरेट सोने का भाव प्रमुख शहरों में लगभग ₹1,45,000 से ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है। 22 कैरेट सोना, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर आभूषण बनाने में होता है, ₹1,33,000 से ₹1,34,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में है। चांदी (999 फाइन) का भाव लगभग ₹1,90,000 प्रति किलोग्राम के आसपास है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में स्थानीय कर और अन्य शुल्कों के कारण थोड़ा ऊंचा रेट भी दिखाया गया है। MCX पर गोल्ड वायदा ₹1,45,000 से ऊपर और सिल्वर वायदा ₹1,90,000 के आसपास कारोबार कर रहा था।
प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के ताजा भाव
विभिन्न स्रोतों (लाइवमिंट, बिजनेस टुडे, मनीकंट्रोल आदि) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 5 नवंबर को शहरवार औसत रेट कुछ इस प्रकार थे (ये रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के बिना या आंशिक रूप से शामिल हो सकते हैं; वास्तविक खरीदारी में GST, मेकिंग चार्ज और स्थानीय शुल्क जुड़ते हैं):
दिल्ली:
24 कैरेट सोना – लगभग ₹1,45,510 से ₹1,45,650 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – लगभग ₹1,33,384 से ₹1,33,500 प्रति 10 ग्राम
चांदी 999 – लगभग ₹1,90,570 प्रति किलोग्राम
मुंबई:
24 कैरेट – ₹1,45,600 के आसपास
22 कैरेट – ₹1,33,467 के आसपास
चांदी – ₹1,90,730 प्रति किलोग्राम
कोलकाता:
24 कैरेट – ₹1,45,570 के आसपास
22 कैरेट – ₹1,33,439 के आसपास
चांदी – ₹1,90,650 प्रति किलोग्राम
बेंगलुरु:
24 कैरेट – ₹1,45,880 के आसपास
22 कैरेट – ₹1,33,723 के आसपास
चांदी – ₹1,91,050 प्रति किलोग्राम
हैदराबाद और चेन्नई में भी 24 कैरेट सोना ₹1,45,800 से ₹1,46,300 के दायरे में रहा। कुछ रिपोर्ट्स में दिल्ली-जयपुर में 24 कैरेट ₹1,46,170 तक और चांदी कुछ जगहों पर ₹2,10,000 प्रति किलो (कर सहित) का जिक्र भी है। IBJA के संकेतक रेट के अनुसार 999 शुद्धता वाला सोना सुबह के सत्र में ₹1,43,950 प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जो दिन भर में ऊंचा हुआ।
इन कीमतों में शहरों के बीच हल्का अंतर स्थानीय परिवहन, करों और डीलर मार्जिन के कारण होता है। खरीदारों को हमेशा अपने स्थानीय सराफा बाजार या विश्वसनीय ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि करनी चाहिए।
कीमतों में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण
सोने और चांदी की कीमतें हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव के बाद फिर से ऊपर की ओर मुड़ी हैं। 4 नवंबर को भी अच्छी तेजी देखने को मिली थी और 5 नवंबर को यह क्रम जारी रहा। विशेषज्ञों के अनुसार मुख्य कारण ये हैं:
- अंतरराष्ट्रीय कारक: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कमजोर पड़ा। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स के बेहतर प्रदर्शन के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, जिससे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में सोने की मांग बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड $4,100 से ऊपर और सिल्वर $53 के आसपास पहुंच गया।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: दो सत्रों में तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट ने महंगाई संबंधी चिंताओं को कम किया और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर दबाव घटाया। इससे कीमती धातुओं को फायदा हुआ।
- घरेलू त्योहारी मांग: धनतेरस (6 नवंबर) और दिवाली से पहले घर-घर में सोना-चांदी खरीदने की परंपरा मजबूत होती है। भारतीय परिवार परंपरागत रूप से इन दिनों में आभूषण, सिक्के या बार खरीदना शुभ मानते हैं। शादी के सीजन और त्योहारों की संयुक्त मांग कीमतों को सहारा दे रही है।
- सेंट्रल बैंक खरीद और निवेश मांग: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद जारी है। गोल्ड ETF में भी प्रवाह बना हुआ है। भारत में डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF विकल्पों ने निवेशकों को आसानी से निवेश करने का मौका दिया है।
पिछले कुछ महीनों में कीमतों में गिरावट भी आई थी। साल की शुरुआत में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था, लेकिन बाद में सुधार देखने को मिला। फिर भी साल-दर-साल आधार पर सोना अभी भी काफी ऊपर है। पिछले पांच धनतेरस चक्रों में सोने ने लगभग 192 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।
सोने और चांदी में अंतर और खरीदारी के विकल्प
24 कैरेट बनाम 22 कैरेट: 24 कैरेट 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और मुख्य रूप से सिक्के, बार या निवेश के लिए उपयुक्त है। 22 कैरेट 91.6 प्रतिशत शुद्ध होता है और आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होता है क्योंकि यह थोड़ा सख्त होता है। 18 कैरेट और भी मिश्रित होता है।
चांदी: औद्योगिक मांग (इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल आदि) के कारण चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। निवेश के नजरिए से चांदी सोने से ज्यादा अस्थिर हो सकती है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें अपसाइड पोटेंशियल अधिक है।
खरीदारी के विकल्प:
- भौतिक आभूषण/सिक्के/बार: पारंपरिक तरीका। मेकिंग चार्ज (आमतौर पर ₹300-700 प्रति ग्राम या उससे ज्यादा) और 3 प्रतिशत GST लगता है।
- डिजिटल गोल्ड: ऐप्स के जरिए छोटी मात्रा में खरीद सकते हैं। लिक्विडिटी अच्छी होती है।
- गोल्ड/सिल्वर ETF और म्यूचुअल फंड: स्टॉक एक्सचेंज पर आसानी से खरीदे-बेचे जा सकते हैं। स्टोरेज की समस्या नहीं।
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: सरकार द्वारा जारी, ब्याज भी मिलता है।
खरीदते समय हॉलमार्किंग जरूर चेक करें। BIS हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदें। मेकिंग चार्ज पर मोलभाव करें और बिल जरूर लें।
विशेषज्ञों की राय और आगे का आउटलुक
बाजार विश्लेषक मौजूदा तेजी को सकारात्मक मान रहे हैं। कुछ के अनुसार MCX पर सोने का समर्थन स्तर ₹1,42,500 के आसपास और प्रतिरोध ₹1,45,000-1,48,000 के बीच है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $4,070 सपोर्ट और $4,170 प्रतिरोध के आसपास देखा जा रहा है। मध्यम अवधि में कुछ ब्रोकरेज हाउस घरेलू सोने के लिए ₹1,60,000-1,68,000 प्रति 10 ग्राम तक के लक्ष्य रख रहे हैं (USD/INR 96 मानते हुए)।
चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है, लेकिन औद्योगिक मांग मजबूत रहने पर इसमें भी अच्छी रिकवरी की संभावना है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति, डॉलर की चाल, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़े कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं, लेकिन खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे एकमुश्त खरीदारी के बजाय स्टागर्ड तरीके से निवेश करें। जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रहेगी।
खरीदारों के लिए सुझाव
- स्थानीय बाजार के ताजा रेट जरूर चेक करें। ऑनलाइन रेट और वास्तविक ज्वेलरी शॉप के रेट में अंतर हो सकता है।
- मेकिंग चार्ज और वेस्टेज पर ध्यान दें। कुछ ब्रांड्स में मेकिंग चार्ज ज्यादा होता है।
- पुराना सोना बेचते समय कटौती (डिडक्शन) की जानकारी पहले लें।
- निवेश के लिए बार या सिक्के बेहतर हो सकते हैं क्योंकि उनमें मेकिंग चार्ज कम होता है।
- बजट के अनुसार खरीदारी करें। जरूरत से ज्यादा कर्ज लेकर सोना न खरीदें।
- डिजिटल विकल्पों पर भी विचार करें, खासकर छोटे निवेशकों के लिए।
भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और वित्तीय सुरक्षा का प्रतीक है। धनतेरस पर खरीदारी की परंपरा सदियों पुरानी है और यह परंपरा आज भी मजबूत बनी हुई है। वर्तमान कीमतें ऊंची जरूर हैं, लेकिन लंबी अवधि में सोने ने महंगाई से बचाव और पूंजी संरक्षण का अच्छा माध्यम साबित किया है।
बाजार के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में भी त्योहारी मांग कीमतों को सहारा दे सकती है। निवेशकों और आम खरीदारों को सलाह है कि वे अपनी जरूरत, बजट और जोखिम सहन क्षमता के अनुसार फैसला लें। नियमित रूप से विश्वसनीय स्रोतों से अपडेट लेते रहें क्योंकि कीमती धातुओं के दाम हर दिन बदलते रहते हैं।
(नोट: ऊपर दिए गए भाव 5 नवंबर 2026 के प्रमुख मीडिया और बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। 6 नवंबर की सुबह के लाइव रेट में हल्का बदलाव संभव है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर या आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें। GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क अलग से लागू होते हैं।)

