
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। यह राशि तीन किस्तों में प्रत्येक 2,000 रुपये के रूप में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है। 2026 में भी यह योजना सक्रिय है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जा चुकी है और 24वीं किस्त अक्टूबर के अंत में (कई रिपोर्ट्स के अनुसार 30 अक्टूबर के आसपास) आने की संभावना जताई जा रही है।
ऐसे में किसानों के लिए सबसे जरूरी काम है अपनी लाभार्थी स्थिति (Beneficiary Status), भुगतान स्थिति, ई-केवाईसी और बैंक डिटेल्स की जांच करना। अगर ई-केवाईसी अधूरी है, आधार-बैंक लिंकिंग में समस्या है या भूमि रिकॉर्ड सत्यापित नहीं है तो किस्त रुक सकती है। सरकार ने आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर “Know Your Status” सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे घर बैठे मिनटों में स्टेटस चेक किया जा सकता है।
इस रिपोर्ट में हम विस्तार से बता रहे हैं कि 2026 में पीएम किसान लाभार्थी स्थिति ऑनलाइन कैसे चेक करें, रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे पता करें, ई-केवाईसी कैसे पूरी करें और किन बातों का ध्यान रखें।
पीएम किसान योजना की संक्षिप्त जानकारी
पीएम-किसान योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत चलाई जा रही है। पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं। योजना में ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। पोर्टल पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि ई-केवाईसी अनिवार्य है। बायोमेट्रिक ई-केवाईसी सीएससी, पीएम-किसान मोबाइल ऐप और राज्य अधिकृत यूजर्स के लिए उपलब्ध है। कुछ मामलों में भूमि स्वामित्व संबंधी संदिग्ध मामलों या परिवार में एक से अधिक सदस्यों को लाभ मिलने जैसे मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोके गए हैं। ऐसे किसानों को स्टेटस पेज पर अपनी पात्रता की जांच करनी चाहिए।
लाभार्थी स्थिति ऑनलाइन चेक करने का सबसे आसान तरीका

आधिकारिक तरीका “Know Your Status” है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर की जरूरत पड़ती है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर ब्राउजर खोलकर आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
- होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन में जाएं।
- “Know Your Status” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना पीएम-किसान रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड सही-सही भरें।
- “Get OTP” पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।
- ओटीपी दर्ज कर “View Status” या सबमिट करें।
इसके बाद आपकी लाभार्थी स्थिति, भुगतान इतिहास, बैंक का नाम, यूटीआर नंबर, भुगतान मोड, खाते में क्रेडिट होने की तारीख और ई-केवाईसी की स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी। वित्तीय वर्षवार ई-केवाईसी रिकॉर्ड भी देख सकते हैं।
अगर आपको रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो पहले उसे निकालें।
रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे पता करें?
कई किसानों को रजिस्ट्रेशन नंबर भूल जाता है। पोर्टल पर ही इसे आसानी से निकाला जा सकता है।
- pmkisan.gov.in पर जाएं।
- Know Your Status पेज पर “Know Your Registration No.” लिंक पर क्लिक करें।
- आधार नंबर या मोबाइल नंबर का विकल्प चुनें।
- नंबर दर्ज कर कैप्चा भरें और ओटीपी लें।
- ओटीपी वेरिफाई करने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन नंबर स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे नोट कर लें और पासबुक के साथ सुरक्षित रखें।
कुछ पुरानी गाइड्स में आधार या बैंक अकाउंट नंबर से सीधे स्टेटस देखने का जिक्र है, लेकिन वर्तमान में मुख्य तरीका रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी आधारित है। पोर्टल पर Beneficiary Status विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है जहां आधार, मोबाइल या रजिस्ट्रेशन नंबर से खोजने की सुविधा दी गई हो। जो विकल्प पोर्टल पर दिखे उसी का उपयोग करें।
मोबाइल ऐप से स्टेटस कैसे चेक करें?
पीएम-किसान मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है। प्ले स्टोर से आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। Beneficiary Status या Know Your Status सेक्शन में जाकर विवरण देखें। ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी भी पूरी की जा सकती है।
ई-केवाईसी अनिवार्य क्यों और कैसे पूरी करें?
ई-केवाईसी अधूरी होने पर किस्त नहीं मिलती। तीन तरीके उपलब्ध हैं:
- ओटीपी आधारित: पोर्टल या ऐप पर आधार नंबर डालकर आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी लेकर पूरा करें।
- फेस ऑथेंटिकेशन: पीएम-किसान ऐप में चेहरे की स्कैनिंग से।
- बायोमेट्रिक: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) जाकर फINGERPRINT या आईरिस स्कैन करवाएं।
स्टेटस पेज पर ई-केवाईसी “Yes” या “No” दिखेगा। “No” होने पर तुरंत प्रक्रिया पूरी करें। 24वीं किस्त से पहले यह काम कर लेना जरूरी है।
लाभार्थी सूची (Beneficiary List) कैसे देखें?
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार Beneficiary List सेक्शन पोर्टल से हटाया या अक्षम किया जा चुका है। फिर भी अगर विकल्प उपलब्ध हो तो:
- Farmers Corner में Beneficiary List पर जाएं।
- राज्य, जिला, सब-डिस्ट्रिक्ट, ब्लॉक और गांव चुनें।
- Get Report पर क्लिक कर सूची देखें।
व्यक्तिगत स्टेटस के लिए Know Your Status ही बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।
स्टेटस में क्या-क्या चेक करें?
स्टेटस खुलने के बाद इन बातों पर ध्यान दें:
- Eligibility Status (पात्रता)
- e-KYC Status
- Land Seeding / भूमि रिकॉर्ड सत्यापन
- Aadhaar-Bank Account Seeding
- पिछले किस्तों का भुगतान इतिहास और यूटीआर नंबर
- कोई एरर या होल्ड का मैसेज
अगर तीनों मुख्य पैरामीटर (ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग, आधार-बैंक सीडिंग) “Yes” हैं तो किस्त आने की संभावना अधिक रहती है।
समस्या आने पर क्या करें?
- ओटीपी न आए तो मोबाइल नंबर सही है या नहीं चेक करें। आधार से लिंक नंबर होना चाहिए।
- स्टेटस में एरर दिखे तो नजदीकी सीएससी, ब्लॉक कृषि अधिकारी या कृषि विभाग से संपर्क करें।
- हेल्पलाइन: 155261 (आईवीआरएस) उपलब्ध है।
- किसन ई-मित्र चैटबॉट भी मदद कर सकता है।
कभी भी अनौपचारिक वेबसाइट या ऐप पर अपना आधार, बैंक डिटेल या ओटीपी न डालें। सिर्फ pmkisan.gov.in और आधिकारिक ऐप का उपयोग करें।
2026 में किसानों के लिए सलाह
24वीं किस्त से पहले स्टेटस चेक कर लें। ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड अपडेट करवा लें। परिवार में एक से अधिक सदस्यों को लाभ मिलने या भूमि स्वामित्व संबंधी संदिग्ध मामलों में भौतिक सत्यापन हो सकता है। नियमित रूप से स्टेटस चेक करते रहें ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।
पीएम-किसान योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि कार्यों में सहायता के लिए शुरू की गई थी। डिजिटल सुविधाओं के कारण अब घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। सही जानकारी और समय पर स्टेटस जांच से किसानों को बिना किसी रुकावट के लाभ मिलता रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख/गाइड केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई सभी जानकारियाँ आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित नियम, प्रक्रियाएँ, किस्त की तारीखें, ई-केवाईसी आवश्यकताएँ या पोर्टल की सुविधाएँ समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँच लें।
लेखक या प्रकाशक किसी भी तरह की गलती, अपूर्ण जानकारी, तकनीकी समस्या, भुगतान में देरी या किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। व्यक्तिगत सलाह के लिए संबंधित विभाग, सीएससी केंद्र या आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
यह सामग्री किसी भी सरकारी विभाग की आधिकारिक घोषणा नहीं है।

